भौतिकी : प्रकाश का अपवर्तन | Class 10Th Physics Chapter – 2 Notes | Model Question Paper | प्रकाश का अपवर्तन Solutions

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भौतिकी : प्रकाश का अपवर्तन | Class 10Th Physics Chapter – 2 Notes | Model Question Paper | प्रकाश का अपवर्तन Solutions

प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of Light)

स्मरणीय तथ्य : एक दृष्टिकोण 
(MEMORABLE FACTS : AT A GLANCE)
  • प्रकाश की किरणों के एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में जाने पर दिशा-परिवर्तन (अर्थात मुड़ने की क्रिया को प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं।
  • विभिन्न माध्यमों में प्रकाश की चाल भिन्न-भिन्न होती है।
  • प्रकाश निर्वात या शून्य में सबसे तीव्र गति, लगभग तीन लाख किलोमीटर प्रति सैकंड (300,000 km/s) से चलता है।
  • किसी माध्यम का अपवर्तनांक (n) शून्य में प्रकाश की चाल (c) और उस माध्यम में प्रकाश की चाल (cm) के अनुपात (ratio) को कहते हैं। अतः, किसी माध्यम का अपवर्तनांक (n),
  • यदि एक माध्यम की अपेक्षा दूसरे माध्यम का अपवर्तनांक अधिक हो, तो दूसरे माध्यम को पहले माध्यम से प्रकाशत: सघन (optically denser) कहा जाता है अथवा पहले माध्यम को दूसरे की अपेक्षा प्रकाशतः विरल (optically rarer) कहा जाता है।
  • जिस माध्यम का अपवर्तनांक कम होता है उसमें प्रकाश की चाल अधिक होती है।
  • दो माध्यमों के निरपेक्ष अपवर्तनांकों के अनुपात ( ratio) को आपेक्षिक अपवर्तनांक (relative refractive index) कहा जाता है।
  • प्रकाश के अपवर्तन के नियम (laws of refration of light) निम्नलिखित हैं
    1. आपतित किरण, आपतन बिंदु पर अभिलंब और अपवर्तित किरण तीनों एक ही समतल (plane) में होते हैं।
    2. किन्हीं दो माध्यमों और प्रकाश के किसी विशेष वर्ण (colour) के लिए आपतन कोण की ज्या (sine) और अपवर्तन कोण की ज्या का अनुपात एक नियतांक होता है।
  • इन नियमों को स्नेल का नियम (Snell’s law) भी कहा जाता है
  • यदि आपतन कोण हो और अपवर्तन कोण अर्थात स्नेल के नियम से r हो, तो प्रकाश के अपवर्तन के द्वितीय नियम से
  • जब नियतांक माध्यम 2 का माध्यम 1 के सापेक्ष अपवर्तनांक n21 के बराबर होता है। अतः,
  • जब प्रकाश की किरण किसी प्रकाशतः विरल माध्यम से प्रकाशत: सघन माध्यम में जाती है, तो वहअभिलंब की ओर मुड़ जाती है।
  • जब प्रकाश की किरण प्रकाशतः सघन माध्यम से प्रकाशतः विरल माध्यम में जाती है, तो वहअभिलंब से दूर हट जाती है।
  • जब प्रकाश की किरण दो माध्यमों को अलग करनेवाली सतह परलंबवत पड़ती है, तो वह बिना मुड़े, अर्थात बिना अपवर्तन के सीधी निकल जाती है।
  • काँच की सिल्ली से प्रकाश के अपवर्तन में आपतित किरण और निर्गत किरण के बीच की लंबवत दूरी कोपार्रिवक विस्थापन (lateral displacement) कहते हैं।
  • किसी कोण पर झुके दो समतल पृष्ठों के बीच घिरे किसी पारदर्शक माध्यम कोप्रिम (prism) कहते हैं।
  • प्रकाश का आवागमन प्रिज्म के जिन दो फलकों से होता है, उन्हें अपवर्तक पृष्ठ (refracting surfaces) कहते हैं।
  • अपवर्तक पृष्ठों के बीच के कोण कोप्रिज्म का अपवर्तक कोण (refracting angle of the prism) या केवलप्रिज्म का कोण (angle of the prism) कहते हैं।
  • आपतित किरण तथा निर्गत किरण के बीच के कोण कोविचलन का कोण (angle of deviation) कहते हैं।
  • अपवर्तक कोण अधिक होने पर विचलन कोण भी अधिक होता है।
  • लेंस पारदर्शक पदार्थ का वह टुकड़ा है जो दो निश्चित ज्यामितीय सतहों से घिरा रहता है। लेंस दो प्रकार के होते हैं- 1. उत्तल लेंस (convex lens) और 2. अवतल लेंस ( concave lens ) ।
  • उत्तल लेंस में किनारे की अपेक्षा मध्य का भाग अधिक मोटा होता है तथा अवतल लेंस में मध्य भाग की अपेक्षा किनारे का भाग अधिक मोटा होता है।
  • लेंस को घेरनेवाली गोलीय सतह के केंद्र कोवक्रता-केंद्र (centre of curvature) कहते हैं।
  • किसी लेंस का मुख्य अक्ष (principal axis) उसकी सतहों के वक्रता-केंद्रों को मिलानेवाली रेखा होती है।
  • किसी पतले लेंस का प्रकाश-केंद्र (optical centre) उसके मुख्य अक्ष पर वह बिंदु है जिससे होकर जानेवाली किरण लेंस से अपवर्तन के बाद बिना विचलन के निकल जाती है।
  • उत्तल लेंस, उससे होकर जानेवाली किरणपुंज को अभिसरित (converge) करता है, इसलिए उत्तल लेंस कोअभिसारी लेंस (diverging lens) भी कहा जाता है।
  • अवतल लेंस, उससे होकर जानेवाली किरणपुंज को अपसारित (diverge) करता है और इसलिए, अवतल लेंस कोअपसारी लेंस (converging lens) भी कहा जाता है।
  • उत्तल लेंस के मुख्य अक्ष पर जिस निश्चित बिंदु F1 से आती किरणें लेंस से अपवर्तित होकर मुख्य अक्ष के समांतर (parallel) हो जाती हैं, उस बिंदु F1 को उत्तल लेंस का प्रथम मुख्य फोकस (first principal focus) कहा जाता है।
  • किसी अवतल लेंस के मुख्य अक्ष के जिस निश्चित बिंदु F1 की दिशा में आपतित किरणें लेंस से अपवर्तन के बाद मुख्य अक्ष के समांतर निकलती हैं, उस बिंदु F1 , को अवतल लेंस का प्रथम मुख्य फोकस कहते हैं।
  • लेंस के प्रकाश केंद्र से प्रथम मुख्य फोकस की दूरी को लेंस कीप्रथम मुख्य फोकस दूरी (first principal focal length) कहा जाता है।
  • यदि प्रकाश की किरणें किसी उत्तल लेंस के मुख्य अक्ष के समांतर आपतित हों, तो वे लेंस से अपवर्तित होकर मुख्य अक्ष पर लेंस के दूसरी ओर स्थित जिस निश्चित बिंदु से होकर जाती है, उस बिंदु को उस उत्तल लेंस का द्वितीय मुख्य फोकस (second principal focus) F2, कहा जाता है।
  • यदि प्रकाश की किरणें किसी अवतल लेंस के मुख्य अक्ष के समांतर आपतित हों, तो अपवर्तित किरणें जिस निश्चित बिंदु F2, से आती हुई प्रतीत होती हैं, उस बिंदु कोअवतल लेंस का द्वितीय मुख्य फोकस कहते हैं।
  • लेंस के प्रकाश – केंद्र से द्वितीय मुख्य फोकस की दूरी को लेंस की द्वितीय मुख्य फोकस – दूरी (second principal focal length) कहते हैं।
  • द्वितीय मुख्य फोकस F2 को ही फोकस (focus) F और द्वितीय मुख्य फोकस दूरी को ही फोकस – दूरी (focal length) f कहा जाता है।
  • फोकस लेंस के मुख्य अक्ष पर वह बिंदु है जहाँ मुख्य अक्ष के समांतर किरणपुंज लेंस से निकलने के बाद अभिसरित (उत्तल लेंस में) होती है या जहाँ से अपसारित (अवतल लेंस में) होती हुई प्रतीत होती है।
  • लेंस के प्रकाश-केंद्र से उसके फोकस की दूरी को उस लेंस कीफोकस दूरी कहते हैं।
  • किसी लेंस के सतहों की वक्रता (curvature) जितनी अधिक होगी, अर्थात लेंस जितना मोटा होगा, उसकी फोकस – दूरी उतनी ही कम होगी।
  • किसी बिंदु- स्त्रोत से आती प्रकाश की किरणें लेंस से अपवर्तन के बाद जिस बिंदु पर मिलती हैं या जिस बिंदु से आती हुई प्रतीत होती हैं, उसे उस बिंदु-स्रोत का प्रतिबिंब (image) कहते हैं।
  • प्रतिबिंब दो प्रकार के होते हैं- (i) वास्तविक प्रतिबिंब और (ii) आभासी या काल्पनिक प्रतिबिंब |
  • किसी बिंदु- स्त्रोत से आती किरणें अपवर्तन के बाद जिस बिंदु पर वास्तव में मिलती हैं, उसे उस बिंदु- स्त्रोत का वास्तविक प्रतिबिंब (real image) कहते हैं।
  • वास्तविक प्रतिबिंब वस्तु की अपेक्षा हमेशा उलटा ( inverted) होता है।
  • किसी बिंदु-स्रोत से आती किरणें अपवर्तन के बाद जिस बिंदु से आती हुई प्रतीत होती हैं, उसे उस बिंदु- स्त्रोत का आभासी या काल्पनिक प्रतिबिंब (virtual image) कहते हैं।
  • आभासी प्रतिबिंब वस्तु की अपेक्षा हमेशा सीधा (erect) होता है।
  • लेंस के प्रकाश – केंद्र की दिशा में आपतित किरण लेंस से अपवर्तन के बाद बिना विचलित हुए सीधी निकल जाती है।
  • उत्तल लेंस के मुख्य अक्ष के समांतर आनेवाली किरण लेंस से अपवर्तन के बाद लेंस के फोकस से होकर गुजरती है, जबकि अवतल लेंस के मुख्य अक्ष के समांतर आपतित किरण ‘लेंस से अपवर्तन के बाद लेंस के फोकस से आती प्रतीत होती है।
  • जब कोई किरण लेंस के फोकस की दिशा में आपतित होती है तो वह अपवर्तन के बाद लेंस के अक्ष के समांतर निकलती है।
  • जब प्रकाश की कोई किरण एक लेंस से गुजरती है तो उसका दो बार अपवर्तन होता है; एक बार उस समय जब किरण लेंस में प्रवेश करती है और दूसरी बार तब जब किरण लेंस से बाहर निकलती है।
  • उत्तल लेंस द्वारा किसी वस्तु के वास्तविक और आभासी दोनों ही प्रकार के प्रतिबिंब बनते हैं।
  • अवतल लेंस द्वारा किसी वस्तु का सदा आभासी प्रतिबिंब ही बनता है।
  • लेंसों के लिए निर्देशांक चिह्न परिपाटी के अनुसार,
    1. लेंस के मुख्य अक्ष को निर्देशांक XX’ अक्ष माना जाता है ।
    2. सभी दूरियाँ लेंस के प्रकाश केंद्र से मापी जाती हैं।
    3. आपतित प्रकाश की दिशा में मापी गई सभी दूरियाँ धनात्मक (positive) होती हैं तथा आपतित प्रकाश की दिशा के विपरीत दिशा में मापी गई सभी दूरियाँ ऋणात्मक (negative) होती हैं।
    4. लेंस के प्रधान अक्ष अर्थात XX’ के लंबवत मापी गई दूरियाँ धनात्मक तब होती हैं जब वे अक्ष के ऊपर होती हैं, तथा ऋणात्मक तब होती हैं जब वे अक्ष के नीचे होती हैं।
  • उत्तल लेंस की फोकस – दूरी धनात्मक (positive) होती है तथा अवतल लेंस की फोकस – दूरी ऋणात्मक (negative) होती है।
  • लेंस के लिए वस्तु – दूरी u, प्रतिबिंब – दूरी v, और फोकस – दूरी f के बीच के संबंध को एक सूत्र से बताया जाता है, जिसे लेंस – सूत्र ( lens formula) कहते हैं। लेंस-सूत्र निम्नलिखित हैं-
  • प्रतिबिंब की ऊँचाई h’ और वस्तु की ऊँचाई के अनुपात को आवर्धन (magnification) m कहा जाता है। अर्थात,
  • लेंस के लिए वस्तु – दूरी प्रतिबिंब – दूरी और आवर्धन (magnification) m के बीच का संबंध निम्नलिखित है –
  • आवर्धन m के मान में ऋणात्मक चिह्न (negative sign) का अर्थ है कि प्रतिबिंब वस्तु के सापेक्ष उल्टा बन रहा है अर्थात वास्तविक (real) है और m का धनात्मक (positive) मान आभासी प्रतिबिंब इंगित करता है ।
  • किसी लेंस की क्षमता (P) उसकी फोकस – दूरी (f) के व्युत्क्रम (reciprocal) से मापी जाती है, अर्थात P = 1/f
  • लेंस की क्षमता का मात्रक डाइऑप्टर (dioptre) है। 1 डाइऑप्टर (D) उस लेंस की क्षमता है जिसकी फोकस – दूरी 1 मीटर (m) हो ।
  • लेंस की क्षमता का चिह्न वही होता है जो चिह्न उसकी फोकस – दूरी का है। अतः उत्तल लेंस की क्षमता धनात्मक और अवतल लेंस की क्षमता ऋणात्मक होती है।
मुख्य सूत्र
( Main Formulae)

प्रश्नावली

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

1. सही उत्तर का संकेताक्षर (क, ख, ग, घ ) लिखें।

1. जब प्रकाश की एक किरण माध्यम से दूसरे माध्यम में जाती है तो अपने पूर्व पथ से विचलित हो जाती है। इसे कहते हैं
(क) प्रकाश का परावर्तन
(ख) प्रकाश का अपवर्तन
(ग) प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण
(घ) इनमें कोई नहीं
उत्तर – (ख)
2. प्रकाश के अपवर्तन के कितने नियम हैं ?
(क) 3
(ख) 4
(ग) 2
(घ) 1
उत्तर – (ग)
3. प्रकाश की एक किरण जब विरल माध्यम से सघन माध्यम में आती है, तब वह –
(क) अभिलंब से दूर मुड़ जाती है
(ख) सीधी निकल जाती है
(ग) अभिलंब की दिशा में जाती है
(घ) अभिलंब की ओर मुड़ जाती है
उत्तर – (घ)
4. जब प्रकाश की एक किरण दो माध्यमों को अलग करने वाली सतह पर लंबवत पड़ती है, तो वह –
(क) अभिलंब से दूर मुड़ जाती है
(ख) बिना मुड़े सीधी निकलती है
(ग) अभिलंब की ओर मुड़ जाती है
(घ) सात रंगों में टूट जाती है
उत्तर – (ख)
5. पानी से भरी बाल्टी की गहराई कम मालूम पड़ने का कारण
(क) प्रकाश का परावर्तन होता है
(ख) प्रकाश का अपवर्तन होता है
(ग) प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण होता है
(घ) इनमें कोई नहीं होता है
उत्तर – (ख)
6. जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे तब अपवर्तन होता है
(क) प्रकाश की चाल में परिवर्तन होने के कारण
(ख) प्रकाश की चाल में परिवर्तन नहीं होने के कारण
(ग) प्रकाश के रंग में परिवर्तन होने के कारण
(घ) इनमें कोई नहीं होता है
उत्तर – (क)
7.  संघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करने पर आपतन-कोण तथा अपवर्तन-कोण में क्या संबंध रहता है ?
(क) दोनों कोण बराबर होते हैं
(ख) आपतन-कोण बराबर होता
(ग) अपवर्तन-कोण बड़ा होता है
(घ) कोई निश्चित संबंध नहीं है
उत्तर – (ग)
8. जब प्रकाश की किरण हवा में काँच के प्रिज्म की अपवर्तक सतह से होकर प्रवेश करती हुई दूसरे अपवर्तक सतह से होकर बाहर निकलती है तब वह मुड़ जाती है
(क) प्रिज्म के शीर्ष की ओर
(ख) प्रिज्म के आधार की ओर
(ग) किरण के मुड़ने का कोई नियम नहीं है
(घ) इनमें कोई नहीं होता
उत्तर – (ख)
9. किसी बिंदु-वस्तु (point object) से निकलकर किरणें किसी लेंस से है  अपवर्तित होकर जिस बिंदु पर मिलती हैं, उसे कहते हैं
(क) फोकस
(ख) वक्रता- केंद्र
(ग) प्रकाश केंद्र
(घ) प्रतिबिंब बिंदु
उत्तर – (घ)
10. निम्नलिखित में किसका उपयोग लेंस बनाने के लिए नहीं किया जा सकता ?
(क) प्लैस्टिक
(ख) लकड़ी
(ग) मिट्टी
(घ) काँच
उत्तर – (ग)
11. निम्नलिखित में से कौन किसी वस्तु का वास्तविक प्रतिबिंब बना सकता है ?
(क) काँच की समतल पट्टी (स्लैब)
(ख) अवतल लेंस
(ग) उत्तल लेंस
(घ) इनमें कोई नहीं
उत्तर – (ग)
12. किसी शब्दकोष ( dictionary) के छोटे-छोटे अक्षरों को पढ़ने के लिए इनमें कौन उपयुक्त होगा?
(क) 50cm फोकस दूरी का उत्तल लेंस
(ख) 50cm फोकस – दूरी का अवतल लेंस
(ग) 5cm फोकस – दूरी का अवतल लेंस
(घ) 5cm फोकस – दूरी का उत्तल लेंस
उत्तर – (घ)
13. एक गोलीय दर्पण तथा पतले लेंस दोनों की ही फोकस दूरियाँ-15 cm है। दोनों ही संभवत: हैं
(क) अवतल
(ख) उत्तल
(ग) दर्पण उत्तल तथा लेंस अवतल
(घ) दुर्पण अवतल तथा लेंस उत्तल
उत्तर – (क)
14. एक गोलीय दर्पण और एक पतले लेस में से प्रत्येक की फोकस दूरी +23 cm है।
(क) दोनों ही उत्तल है
(ख) दर्पण उत्तल है, परंतु लेंस अवतल
(ग) दोनों ही अवतल हैं
(घ) दर्पण अवतल है, परंतु लेंस उत्तल
उत्तर – (क)
15. सरल सूक्ष्मदर्शी में किसका उपयोग होता है ?
(क) उत्तल लेंस का
(ख) अवतल लेंस का
(ग) उत्तल दर्पण का
(घ) अवतल दर्पण का
उत्तर – (क)
16. उत्तल लेंस
(क) किनारों की अपेक्षा बीच में मोटा होता है
(ख) बीच की अपेक्षा किनारों पर मोटा होता है
(ग) की मोटाई सभी जगह समान होती है
(घ) कोई सही नहीं है
उत्तर – (क)
17. किसी उत्तल लेंस के सापेक्ष कोई वस्तु (बिंब) किस स्थान पर रखी जाए कि उसका वास्तविक, उलटा तथः बराबर (समान) आकार का प्रतिबिंब प्राप्त किया जा सके ?
(क) लेंस तथा उसके फोकस के बीच
(ख) फोकस पर
(ग) फोकस – दूरी के दोगुनी दूरी
(घ) अनंत पर
उत्तर – (ग)
18. उत्तल लेंस में जब वस्तु (बिंब) फोकस एवं लेंस के बीच रखी जाती है तब कैसा प्रतिबिंव बनता है ?
(क) काल्पनिक और सीधा
(ख) काल्पनिक और उलटा
(ग) वास्तविक और उलटा
(घ) वास्तविक और सीधा
उत्तर – (क)
19. एक उत्तल लेंस से 30cm की दूरी पर एक वस्तु (बिंब) रखी गई है। लेंस से उतनी ही दूरी पर वास्तविक प्रतिबिंब बनता है।
(क) 30 cm
(ख) 20 cm
(ग) 15 cm
(घ) 10 cm
उत्तर – (ग)
20. एक अवतल लेंस की फोकस दूरी 20 cm है। इसकी क्षमता होगी
(क) 2 डाइऑप्टर
(ख) -2 डाइऑप्टर
(ग) 5 डाइऑप्टर
(घ) -5 डाइऑप्टर
उत्तर – (घ)
21. यदि वस्तु (बिंव) उत्तल लेंस के फोकस तथा फोकस दूरी की दूनी दूरी के बीच हो, तो प्रतिबिंब
(क) काल्पनिक, सीधा तथा छोटा बनेगा
(ख) काल्पनिक, उलटा तथा बड़ा बनेगा
(ग) वास्तविक, उलटा तथा छोटा बनेगा
(घ) वास्तविक, उलटा तथा बड़ा बनेगा
उत्तर –(घ)
22. जब एक जब एक उत्तल लेंस से 20 cm की दूरी पर वस्तु (बिंब) को रखा जाता है तो उस वस्तु का एक काल्पनिक (आभासी) प्रतिबिंब बनता है। लेंस की फोकस- दूरी होनी चाहिए .
(क) 20cm
(ख) 20cm से अधिक
(ग) 40cm से अधिक
(घ) 20 cm से कम
उत्तर – (ख)
23. किस लेंस द्वारा केवल काल्पनिक (आभासी) प्रतिबिंब बनता है ?
(क) अवतल लेंस द्वारा
(ख) उत्तल लेंस द्वारा
(ग) बाइफोकल लेंस द्वारा
(घ)  इनमें कोई नहीं
उत्तर – (क)
24. एक लेंस की क्षमता +5 D है। यह होगा
(क) 20cm फोकस – दूरी का उत्तल लेंस
(ख) 5m फोकस – दूरी का उत्तल लेंस
(ग) 5m फोकस – दूरी का अवतल लेंस
(घ) 20cm फोकस – दूरी का उत्तल लेंस
उत्तर – (घ)
25. किसी उत्तल लेंस की फोकस – दूरी 25 cm है, तो उसकी क्षमता क्या होगी ?
(क) 4D
(ख) 3D
(ग)  2D
(घ) 1D
उत्तर – (क)

II रिक्त स्थानों की पूर्ति करें।

1. पानी में तैरती हुई मछलियाँ अपनी वास्तविक स्थिति से ………….. दिखाई पड़ती है।
उत्तर – ऊपर उठी हुई
2.  ……….. में प्रकाश की चाल सबसे अधिक होती है।
उत्तर – शून्य या निर्वात
3. जब प्रकाश की किरण काँच से वायु में जाती है, तो वह ………… दूर हट जाती है।
उत्तर – अभिलंब
4. जब प्रकाश की किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाती है तब अपवर्तन-कोण, आपतन-काण से ……….. होता है।
उत्तर – बड़ा (अधिक)
5. जब आपतन कोण 0° है, तो अपवर्तन-कोण होगा…………..।
उत्तर –
6. एक लेंस के दोनों सतहों के वक्रता केंद्रों को मिलानेवाली रेखा को ………. कहते हैं।
उत्तर – मुख्य अक्ष
7.  उत्तल लेंस को ……… लेंस भी कहा जाता है।
उत्तर – अभिसारी
8. किसी पतले लेंस का ……….. उसके मुख्य अक्ष पर वह बिंदु है जिससे होकर जानेवाली किरण लेंस से अपवर्तन के बाद बिना विचलन के निकल जाती है।
उत्तर – प्रकाश – केंद्र
9. f फोकस – दूरी के उत्तल लेंस द्वारा यदि किसी वस्तु का वास्तविक, उलटा तथा वस्तु के बराबर आकार का प्रतिबिंब बने, तो वह वस्तु उत्तल लेंस से……….. दूरी पर रखी हुई है।
उत्तर – 2f
10. एक उत्तल लेंस के फोकस पर रखा प्रदीप्त विद्युत बल्ब ……….. किरणपुंज देगा।
उत्तर – समांतर
11. ……… लेंस समांतर प्रकाशपुंज को अपने फोकस पर अभिसरित करता है।
उत्तर – उत्तल
12. …….. लेंस समांतर प्रकाशपुंज को अपसारित कर देता है ।
उत्तर – अवतल
13. उत्तल लेंस द्वारा काल्पनिक (आभासी) प्रतिबिंब तब बनता है जब वस्तु ( बिंब ) फोकस – दूरी से  ……….. दूरी पर रहती है।
उत्तर – कम
14. किसी लेंस की उसकी  फोकस – दूरी (f) के व्युत्क्रम (reciprocal) से मापी जाती है ।
उत्तर – क्षमता
15. लंस की क्षमता SI मात्रक …………  होता है।
उत्तर – m-1
16. 50cm फोकस दूरी वाले उत्तल लेंस की क्षमता होगी ………… डाइऑप्टर।
उत्तर – +2
17. – 5 D क्षमता वाले लेंस की फोकस – दूरी ……….. cm होगी ।
उत्तर – -20
18. 2m फोकस – दूरी वाले अवतल लेंस की क्षमता होगी ………. डाइऑप्टर।
उत्तर – -0.5
19. किसी पारदर्शी माध्यम का अपवर्तनांक प्रकाश की निर्वात में चाल तथा उस माध्यम में चाल का ………  होता है।
उत्तर – अनुपात

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

1. जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करता है तब प्रकाश की दिशा में परिवर्तन को क्या कहते हैं ?
उत्तर – जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करता है तब प्रकाश की दिशा में परिवर्तन की क्रिया को प्रकाश का अपवर्तन कहते
2. जब प्रकाश की किरण विरल माध्यम (जैसे—हवा) से सघन माध्यम (जैसेकाँच) में जाती है तब वह अभिलंब की ओर मुड़ती है या अभिलंब से दूर मुड़ती है ?
उत्तर – जब प्रकाश की किरण विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाती है तब वह अभिलम्ब की ओर मुड़ती है।
3. जब प्रकाश की एक किरण माध्यम 1 से माध्यम 2 में जाती है तब वह अभिलंब से दूर मुड़ जाती है। दोनों में कौन माध्यम प्रकाशीय रूप से अधिक सघन (denser) है ?
उत्तर – माध्यम 1 (हवा) माध्यम 2 (काँच) की अपेक्षा ज्यादा सघन होगा।
4. वायु में प्रकाश एक सेकंड में लगभग कितनी दूरी तय करता है ?
उत्तर – वायु में प्रकाश एक सेकंड में लगभग 300,000 km/s की दूरी तय करता है ।
5. स्नेल का नियम क्या है ?
उत्तर – किन्हीं दो माध्यमों और प्रकाश के किसी विशेष वर्ग (रंग) के लिए आपतन कोण की ज्या और अपवर्तन कोण की ज्या का अनुपात एक नियतांक होता है।
6. अपवर्तनांक की परिभाषा दें।
उत्तर – किसी माध्यम की प्रकाश की किरण की दिशा को बदलने की क्षमता को उसका अपवर्तनांक कहते हैं।
7. किस माध्यम का अपवर्तनांक अधिक होता है- सघन माध्यम का या विरल माध्यम का ?
उत्तर – सघन माध्यम का।
8. “पानी का अपवर्तनांक 1.33 है।” इस प्रकथन का क्या तात्पर्य है ?
उत्तर – पानी में प्रकाश की चाल शून्य (या वायु) में प्रकाश की चाल के 1/1.33 अथवा 3/4 गुना होती है।
9. पाश्विक विस्थापन (lateral displacement) से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर – काँच की सिल्ली से प्रकाश के अपवर्तन में आपतित किरण और निर्गत किरण के बीच की लंबवत दूरी को पार्रिवक विस्थापन (lateral displacement) कहते हैं।
10. नीचे दिए गए चित्रों को ध्यान से देखें और उनके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें।
चित्र (क) में 1, 2 एवं 3 में कौन निर्गत किरण नहीं हो सकती ?
चित्र (ख) में i का मान कितना होगा ?
चित्र (ग ) में सिल्ली (slab) से होकर गुजरनेवाली किरण का पथ दर्शाएँ ।
उत्तर – चित्र (क) में 1 तथा 2 निर्गत किरण हो सकती है।
चित्र (ख) में i का मान 60° होगा। चित्र
(ग) में सिल्ली से होकर गुजरनेवाली किरण का पथ सीधी होती है। किरण के पथ को इस रेखा चित्र द्वारा दर्शाया गया है –
11. लेंस कितने प्रकार के होते हैं ?
उत्तर – लेंस दो प्रकार के होते हैं
1. उत्तल लेंस (Convex lens) और
2. अवतल लेंस (Concave lens) ।
12. लेंस के मुख्य अक्ष की परिभाषा दें।
उत्तर – किसी लेंस का मुख्य अक्ष (principal axis) उसकी सतहों के वक्रता-केंद्रों को मिलानेवाली रेखा होती है।
13. पतला लेंस क्या है ?
उत्तर – पतला लेंस एक ऐसा लेंस है जिससे होकर जानेवाली किरण लेंस से अपवर्तन के बाद बिना विचलन के सीधे निकल जाती है ।
14. प्रत्येक लेंस के कितने मुख्य फोकस होते हैं ? लेंस के किस मुख्य फोकस को लेंस का फोकस कहा जाता है ?
उत्तर – प्रत्येक लेंस के दो मुख्य फोकस होते हैं –
1. प्रथम मुख्य फोकस (f1) 2. द्वितीय मुख्य फोकस f2
किसी लेंस में दो मुख्य फोकस होते हैं – जिन्हें f1 तथा f2 तथा f2द्वारा दर्शाया जाता है। अतः लेंस के प्रथम मुख्य फोकस (f1) को अवतल लेंस का फोकस कहा जाता है तथा लेंस के द्वितीय मुख्य फोकस (f2) को उत्तल लेंस का फोकस कहा जाता है।
15. उत्तल लेंस के सामने किसी वस्तु को कहाँ रखने पर उसके आकार के बराबर के आकार का वास्तविक प्रतिबिंब बनता है ?
उत्तर – उत्तल लेंस के सामने किसी वस्तु को 25 पर रखने पर उसके आकार के बराबर के आकार का वास्तविक प्रतिबिंब बनता है।
16. फोकस दूरी किस लेंस की घनात्मक होती है-  उत्तल लेंस की अथवा अवतल लेंस की।
उत्तर – उत्तल लेंस की।
17. जिस माध्यम का अपवर्तनांक कम होता है, उसमें प्रकाश की चाल कम होता है या अधिक ?
उत्तर – विरल माध्यम का अपवर्तनांक कम होता है तथा इसमें प्रकाश की चाल अधिक होती है।
18. किस लेंस को अभिसारी लेंस कहते हैं? लेंस को अभिसारी लेंस कहते हैं।
उत्तर – उत्तल लेंस को अभिसारी लेंस कहते हैं।
19. यदि कोई वस्तु उत्तल लेंस से बहुत ही दूर (अनंत) पर हो तो वस्तु का प्रतिबिंब कहाँ बनेगा ?
उत्तर – मुख्य फोकस पर।
20. कौन-सा लेंस वास्तविक और आभासी दोनों प्रकार का प्रतिबिंब बनाता है ?
उत्तर – उत्तल लेंस द्वारा किसी वस्तु के वास्तविक और आभासी दोनों ही प्रकार के प्रतिबिंब बनते हैं।
21. यदि किसी लेंस द्वारा प्राप्त प्रतिबिंब वस्तु की अपेक्षा हमेशा सीधा और छोटा हो, तो वह कैसा लेंस है ?
उत्तर – यदि किसी लेंस द्वारा प्राप्त प्रतिबिंब वस्तु की अपेक्षा हमेशा सीधा और छोटा हो, तो वह अवतल लेंस है।
22. उत्तल लेंस द्वारा किसी वस्तु का आवर्धित एवं आभासी प्रतिबिंब कब बनता है ?
उत्तर – जब वस्तु लेंस तथा फोकस के बीच स्थित हो, तो उसका आभासी, आवर्धित प्रतिबिंब प्राप्त होता है।
23. किसी उत्तल लेंस के सामने एक पिन को कहाँ रखने पर उसका प्रतिबिंब अनंत पर बनता है ?
उत्तर – उत्तल लेंस के सामने एक पिन को, पर रखने पर उसका प्रतिबिंब अनंत पर बनता है।
24. दैनिक जीवन में लेंसों के दो साधारण उपयोग बताएँ।
उत्तर – दैनिक जीवन में लेंसों के साधारण उपयोग ये हैंसूक्ष्मदर्शी तथा दूरबीन आदि में आवर्धन बढ़ाने के लिए तथा स्पष्ट प्रतिबिंब प्राप्त करने के लिए एक से अधिक लेंस के संयोग का उपयोग किया जाता है।
 25. सिनेमा हॉल के पर्दे पर दिखनेवाले चित्र वास्तविक हैं या आभासी ?
उत्तर – वास्तविक, चूँकि पर्दे पर सिर्फ वास्तविक प्रतिबिंब को ही उतारा जा सकता है, काल्पनिक (आभासी) प्रतिबिंब को नहीं।
26. किसी उत्तल लेंस द्वारा वस्तु का आभासी एवं आवर्धित प्रतिबिंध बनाने हेतु वस्तु की स्थिति कहाँ होनी चाहिए।
उत्तर – उत्तल लेंस और उसके फोकस के बीच।
27. यदि कोई वस्तु किसी उत्तल लेंस के बाईं ओर उसकी दूनी फोकस दूरी पर रखी हो, तो उसका प्रतिबिंब कहाँ बनेगा ?
उत्तर – यदि कोई वस्तु किसी उत्तल लेंस के बाईं ओर उसकी दूनी फोकस दूरी पर रखी हो, तो उसका प्रतिबिंब 2F2 पर बनेगा तथा यह वास्तविक, उलय तथा वस्तु के आकार के बराबर होगा
28. एक पतले लेंस की फोकस दूरी f =-10 cm है। यह उत्तल लेंस है या अवतल लेंस ?
उत्तर – अवतल लेंस।
29. लेंस से किसी वस्तु की दूरी (u), प्रतिबिंव की दूरी (v), और लेंस द्वारा प्राप्त आवर्धन (m) में क्या संबंध है ?
उत्तर – किसी लेंस के लिए वस्तु- दूरी (u), प्रतिबिंब की दूरी (v) और आवर्धन (magnification) m के बीच का संबंध निम्नलिखित है
30. किसी लेंस से किसी वस्तु की दूरी (u), प्रतिबिंब की दूरी (v) और लेंस की फोकस दूरी (f) में क्या सम्बंध है ?
उत्तर – किसी लेंस के लिए वस्तु दूरी (u), प्रतिबिंब दूरी (v) और फोकस-दूरी (f) के बीच के संबंध को एक सूत्र से बताया जा सकता जिसे लेंस-सूत्र (lens formula) कहते हैं। लेंस सूत्र निम्नलिखित हैं –
31. किसी लेंस की फोकस दूरी और उसकी क्षमता (power) में क्या संबंध है ?
उत्तर – किसी लेंस की क्षमता (P) उसकी फोकस-दूरी (f) के व्युत्क्रम (reciprocal) से मापी जाती है, अर्थात् P = 1/f
32. .लेंस की क्षमता का S.I. मात्रक क्या है ?
उत्तर – लेंस की क्षमता का S.I मात्रक m प्रति मीटर होता है जिसे डाइऑप्टर (D) भी कहते हैं।
33. किसी व्यक्ति के चश्मे में लगे लेंस की क्षमता + 1.5D है। लेंस उत्तल है या अवतल ?
उत्तर – उत्तल लेंस।
34. किसी उत्तल लेंस का आधा भाग काले कागज से ढंक दिया जाए। क्या यह लेंस किसी वस्तु (बिंब) का पूरा प्रतिबिंब बना सकेगा ?
उत्तर – हाँ, लेकिन उसकी तीव्रता घट जायेगी क्योंकि किरणों की संख्या कम हो जायेगी।
35. लेंस प्रतिबिंब कैसे बनाते है ?
उत्तर – लेंस प्रकाश के अपवर्तन द्वारा प्रतिबिंब बनाते है।
36. किसी लेंस की क्षमता 1 डाइऑप्टर है-इसे परिभाषित करें।
उत्तर – 1 डाइऑप्टर उस लेंस की क्षमता है जिसकी फोकस दूरी 1m, हो । ID = 1m-1
37.2m फोकस दूरी वाले एक उत्तल लेंस की क्षमता कितनी होगी ?
उत्तर – -0.5D
38.2m फोकस दूरी वाले एक उत्तल लेंस की क्षमता कितनी होगी ?
उत्तर – +0.5D
39. एक लेंस की क्षमता + 5D है। यह किस प्रकार का लेंस है।
उत्तर – उत्तल

लेंस लघु उत्तरीय प्रश्न

1. प्रकाश के अपवर्तन का क्या तात्पर्य है ?
उत्तर – प्रकाश की किरणों के एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में जाने पर दिशा – परिवर्तन ( अर्थात् मुड़ने) की क्रिया को प्रकाश का अपवर्तन कहा जाता
2. हमारे दैनिक जीवन में प्रकाश के अपवर्तन के उपयोग के दो उदाहरणों को लिखें।
उत्तर – हमारे दैनिक जीवन में प्रकाश के अपवर्तन के उपयोग के दो उदाहरण निम्नलिखित हैं
1. प्रकाश के अपवर्तन के कारण पानी की सतह पर छड़ी का मुड़ा हुआ दिखना।
2. प्रकाश के अपवर्तन के कारण पानी से भरी बाल्टी की गहराई का कम प्रतीत होना।
3. प्रकाश की एक किरण का अपवर्तन दिखाने के लिए किरण-आरेख (ray diagram) खींचें।
(a) जब किरण विरल माध्यम से संघन माध्यम में जाती है।
(b) जब किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाती है।
उत्तर – (a) जब किरण विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाती है।
4. हवा में चलती हुई प्रकाश की एक किरण जल में तिरछे प्रवेश करती है। क्या. प्रकाश किरण अभिलंब की ओर झुकेगी अथवा अभिलंब से दूर हटेगी ? बताएँ, क्यों ?
उत्तर – हवा में चलती हुई प्रकाश की एक किरण जल में तिरछे प्रवेश करती है तब वह अभिलंब की ओर झुकेगी क्योंकि हम जानते हैं कि आपतन कोण (i) से अपवर्तन कोण (r) छोटा होता है, इसलिए जब प्रकाश की किरण विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाती है तब वह अभिलंब की ओर मुड़ जाती है।
5. काँच की आयताकार सिल्ली (पट्टी) में अपवर्तन के दो किरणों का नामांकित चित्र खींचे।
उत्तर –
6. पानी में रखा हुआ सिक्का कुछ ऊपर उठा हुआ प्रतीत होता है। क्यों ?
उत्तर – पानी में रखा हुआ सिक्का कुछ ऊपर उठा हुआ प्रतीत होता है क्योंकि यहाँ पर प्रकाश के अपवर्तन का नियम लागू होता है। किसी भी बरतन के पानी में रखा हुआ सिक्का आँखों को देखने से ऊपर उठा हुआ प्रतीत होता है।
7. प्रकाश के अपवर्तन के नियमों को लिखें।
उत्तर – प्रकाश के अपवर्तन के दो नियम निम्नलिखित हैं—
1. आपतित किरण, आपतन बिंदु पर अभिलंब और अपवर्तित किरण तीनों एक ही समतल (plane) में होते हैं।
2. किन्हीं दो माध्यमों और प्रकाश के किसी विशेष वर्ण (colour) के लिए आपतन कोण ज्या (sine) और अपवर्तन की ज्या का अनुपात एक नियतांक होता है। इसे स्नेल का नियम भी कहा जाता है।
8. स्नेल के नियम को लिखकर समझाएँ ।
उत्तर – स्नैल के नियम निम्नलिखित हैं –
1. आपतित किरण, आपतन बिंदु पर अभिलंब और अपवर्तित किरण तीनों एक ही समतल (plane) में होते हैं।
2. किन्हीं दो माध्यमों और प्रकाश के किसी विशेष वर्ण (colour) के लिए आपतन कोण का ज्या (sine) और अपवर्तन कोण की ज्या का अनुपात एक नियतांक होता है। यदि आपतन कोण i हो और अपवर्तन कोण r हो, तो प्रकाश के अपवर्तन के द्वितीय नियम, अर्थात् स्नेल के नियम से,
यह नियतांक माध्यम 2 का माध्यम 1 के सापेक्ष अपवर्तनांक n21 के बराबर होता है। अतः,
9. “हीरे का अपवतनांक 2:42 है।” इस कथन का क्या अर्थ है?
उत्तर – हीरे का अपवर्तनांक 2.42 है का अर्थ है कि प्रकाश हीरे में निर्वात (शून्य) की अपेक्षा 2.42 गुणी धीमी चाल से चलता है क्योंकि किसी माध्यम का अपवर्तनांक (n) शून्य में प्रकाश की चाल (c) और उस माध्यम में प्रकाश की चाल (cm) के अनुपात ( ratio) को कहते हैं।
10. प्रकाश की एक किरण पुंज पानी पर तैरते तारपीन की परत पर आपतित होती है। यदि वायु, तारपीन और पानी के अपवर्तनांक क्रमश: 1.00, 1.47 तथा 1.33 हों, तो समझाएँ कि किरणपुंज किस प्रकार वायु से तारपीन तथा फिर तारपीन से पानी में गमन करेगी।
उत्तर – यहाँ वायु का अपवर्तनांक = 1.00
तारपीन = 1.47
पानी = 1.33
वायु से तारपीन में किरणपुंज प्रवेश करेगी तो उसका वेग निम्न हो जायेगा तथा जब तारपीन से पानी में प्रवेश करेगी तो वेग तेज हो जायेगी।
11. आपको एक उत्तल लेंस, एक अवतल लेंस तथा एक काँच की वृत्ताकार पट्टिका दी गई है। उनकी सतहों को बिना छुए आप उनमें अंतर कैसे बताएँगे ?
उत्तर – तीनों नमूनों को बारी-बारी से छपाई के अक्षर पर रखा जाता है। जिस नमूने से होकर छपाई के अक्षर सीधा और आवर्धित दिखाई पड़े वह उत्तल लेंस है। जिस नमूने से होकर छपाई के अक्षर सीधा और छोटा दिखाई पड़े वह अवतल लेंस है। जिस नमूने से छपाई का अक्षर सीधा और हू-ब-हू दिखाई पड़े वह काँच की वृत्ताकार पट्टिका है।
इस प्रकार, बिना स्पर्श किए उत्तल लेंस, अवतल लेंस और काँच की वृत्ताकार पट्टिका की पहचान की जा सकती हैं।
12. किसी उत्तल लेंस द्वारा जब सूर्य की किरणों को किसी कागज पर फोकसित करते हैं तो वह जल उठता है कारण स्पष्ट करें।
उत्तर – सूर्य से प्रकाश के साथ-साथ ऊष्मीय ऊर्जा भी आती है। अतः जब उत्तल लेंस द्वारा हम सूर्य से आती किरणों को कागज पर फोकसित करते हैं, तो प्रकाश के साथ ऊष्मा भी कागज के छोटे-से हिस्से पर फोकसित होती है, जिससे कागज का हिस्सा जल उठता है।
13. उत्तल लेंस को आँख के सामने रखकर सूर्य को देखना क्यों मना है ?
उत्तर – उत्तल लेंस को गाँख के सामने रखकर सूर्य को देखने पर सूर्य से आती ऊष्मा आँख के रेटिना पर फांकसित होकर उसको अत्यधिक क्षति पहुँचा सकती है जिससे आँख खराब होने की सम्भावना होती है।
14. यदि किसी उत्तल लेंस पर आपतित किरण लेंस के अक्ष के समांतर है, तो वह लेंस से अपवर्तन के पश्चात किस प्रकार मुड़ेगी ? किरण आरेख द्वारा इसे स्पष्ट करें ।
उत्तर –
उत्तल लेंस पर आपतित किरण लेंस के अक्ष के समांतर है। अपवर्तन के बाद यह फोकस (f) की ओर मुड़ेगी।
15. जब वस्तु उत्तल लेंस के F और 2F के बीच स्थित हो तो प्रतिबंब बनने को किरण आरेख द्वारा दिखाए।
उत्तर –
16. उत्तल लेंस और अवतल लेंस के अंतर को स्पष्ट करें।
उत्तर – उत्तल लेंस और अवतल लेंसों में निम्नलिखित अंतर है
17. उत्तल लेंस को अभिसारी (Converging) लेंस और अवतल लेंस को अपसारी (diverging) लेंस क्यों कहते हैं ?
उत्तर – उत्तल लेंस पर जब प्रकाश की समांतर किरणें आपतित होती हैं तो लेंस से अपवर्तन के बाद ये समांतर किरणें एक बिंदु पर मिलती हैं। इससे स्पष्ट होता है कि उत्तल लेंस समांतर किरणों को अभिसारित करता है। इस गुण के कारण इसे अभिसारी लेंस कहते हैं।
जब प्रकाश की किरणें किसी अवतल लेंस पर पड़ती हैं तो लेंस से अपवर्तन के बाद ये समांतर किरणें आपस में फैलती जाती हैं। अर्थात्, अवतल लेंस प्रकाश की समांतर किरणों को अपसा कर देता है। इस गुण के कारण अवतल लेंस को अपसारी लेंस कहते हैं।
18. एक उत्तल लेंस की फोकस – दूरी f है। यदि एक वस्तु को लेंस से 2f से अधिक दूरी से जैसे-जैसे लेंस के फोकस तक लाया जाए, तो उस वस्तु के प्रतिबिंब का आकार किस प्रकार परिवर्तित होगा ?
उत्तर – एक उत्तल लेंस की फोकस – दूरी f है। यदि एक वस्तु के लेंस से 2f से कुछ अधिक दूरी से जैसे-जैसे लेंस के फोकस तक लाया जाता है तो उस वस्तु का प्रतिबिंब का आकार वस्तु के आकार से बड़ा होता जाएगा।
19. लेंस की क्षमता से आप क्या समझते हैं ? इसका मात्रक लिखें।
उत्तर – किसी लेंस के नाभ्यान्तर (फोकस – दूरी) के व्युत्क्रम को उस लेंस की क्षमता कही जाती है। इसे प्राय: P अक्षर से सूचित किया जाता है।
इसका मात्रक प्रति मीटर होता है जिसे डाइऑप्टर (D) भी कहा जाता है। उत्तल लेंस की क्षमता धनात्मक तथा अवतल लेंस की क्षमता ऋणात्मक होती है।
20. एक उत्तल लेंस वस्तु (बिंब) का वास्तविक और उलटा प्रतिबिंब लेंस से 40 cm पर बनाता है। यदि प्रतिबिंब का आकार वस्तु (बिंब) के आकार के बराबर हो, तो वस्तु (बिंब) लेंस से कितनी दूरी पर है और लेंस की क्षमता क्या है ?
उत्तर – चूँकि वस्तु (बिंब) और प्रतिबिंब का आकार बराबर है, इसलिए वस्तु (बिंब) लेंस की दुगुनी फांकस – दूरी पर है, अर्थात u = 2f
फिर u = 40cm इसलिए 2f = 40 cm या f = 20cm
तथा क्षमता = 100/20 डाइऑप्टर = 5D
21. कई लेंसों को एक-दूसरे के सपर्क में रखकर बनाए गए लेंस निकायों का उपयोग सामान्यतः कहाँ किया जाता है ?
उत्तर – ऐसे लेंस निकायों का उपयोग सामान्यतः कैमरों के लेंस तथा सूक्ष्मदर्शियों एवं दूरदर्शकों के अभिदृश्यकों (objectives) के डिजाइन में किया जाता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. सचित्र व्याख्या करें ।
(a) पानी में अंशत: डूबी तथा तिरछी रखी हुई एक छड़ी सतह पर क्यों मुड़ी दिखाई पड़ती है ?
(b) पानी से भरी बाल्टी की गहराई क्यों कम मालूम पड़ती है ?
उत्तर – (a) पानी में अंशत: डूबी तथा तिरछी रखी हुई एक छड़ी सतह पर मुड़ी दिखाई पड़ती है, जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। छड़ी के सिरे C से आती प्रकाश की किरणें सतह पर पानी से हवा में जाती है और इसलिए अभिलंब से दूर हट जाती है। आँख को ये किरणें बिंदु C’ से आती हुई प्रतीत होती हैं। अत: C’ बिंदु C का प्रतिबिंब है। पानी में छड़ी के डूबे हुए भाग BC के किसी भी बिंदु के लिए यही होता है। अतः हमें छड़ी ABC’ जैसे दिखती है, अर्थात् मुड़ी हुई दिखाई पड़ती है। यह क्रिया प्रकाश के अपवर्तन के कारण होती है।
(b) पानी से भरी बाल्टी की गहराई कम मालूम पड़ती है। जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। पानी से भरी बाल्टी के पेंदी पर एक बिंदु O से आती किरणें पानी की सतह पर, चूँकि पानी से हवा में आती है, इसलिए अभिलंब से दूर हटकर आँख तक पहुँचती हैं। ये किरणें बिंदु 1 से आती हुई प्रतीत होती है। अतः बाल्टी उथली प्रतीत होती हैं, अर्थात् बाल्टी की गहराई कम प्रतीत होती है।
2. जब प्रकाश काँच की आयताकार सिल्ली में तिरछा होकर गुजरता है, तो निर्गत किरण आपतित किरण के समांतर होती है। किरण-आरेख से इसे समझाएँ।
उत्तर – जब प्रकाश काँच की आयताकार सिल्ली में तिरछा होकर गुजरता है जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। चित्र में PQ को L तक बढ़ा देते हैं। हम पाते हैं कि यह रेखा निर्गत किरण RST के समांतर है। इस तरह काँच की सिल्ली से पार करने के बाद प्रकाश की किरण अपने पूर्व पथ से हट तो गई है परन्तु अपनी दिशा के समांतर ही रही इसे चित्र द्वारा समझा जा सकता है।
3. किरण आरेखों की मदद से उत्तल और अवतल लेंसों के प्रथम तथा द्वितीय मुख्य फोकस को समझाएँ ।
उत्तर – चित्र (a) में उत्तल लेंस (Convex lens) के मुख्य अक्ष (Principal axis) पर एक निश्चित बिंदु F1 से आती किरणें लेंस से अपवर्तित (refract) होकर मुख्य अक्ष के समांतर हो जाती हैं। इस बिंदु F1 को उत्तल लेंस का प्रथम मुख्य फोकस कहा जाता है। उसी प्रकार चित्र (b) में किसी अवतल लेंस (Concave lens) के मुख्य अक्ष के निश्चित बिंदु F1 की दिशा में आपतित किरणें लेंस से अपवर्तन के बाद मुख्य अक्ष के समांतर निकलती हैं। इस बिंदु F1 को अवतल लेंस का प्रथम मख्य फोकस कहते हैं।
चित्र (a) यदि प्रकाश की किरणें किसी उत्तल लेंस के प्रधान अक्ष के समांतर आपतित हों तो वे लेंस से अपवर्तित होकर प्रधान अक्ष पर लेंस के दूसरी ओर स्थित एक निश्चित बिंदु से होकर जाती है। इस बिंदु को उस उत्तल लेंस का द्वितीय मुख्य फोकस (F2) कहा जाता है।
चित्र (b) यदि प्रकाश की किरणें किसी अवतल लेंस के मुख्य अक्ष के समांतर आपतित हों, तो वे लेंस से अपवर्तित होकर अपसारित होती हैं। यदि इन अपवर्तित किरणों को पीछे की ओर बढ़ाया जाए, तो वे लेंस के उस ओर जिधर से किरणें आपतित हुई हैं, मुख्य अक्ष के एक निश्चित बिंदु F2 पर मिलती हैं। एक दर्शक को लेंस से अपसारित किरणें इसी बिंदु F2 से आती हुई प्रतीत होती हैं। इस बिंदु को अवतल लेंस का द्वितीय मुख्य फोकस कहते हैं।
4. किरण आरेख द्वारा एक उत्तल लेंस में बने प्रतिबिंब को दर्शाएँ जब वस्तु (बिम्ब) फोकस और प्रकाश केन्द्र के बीच हो ।
उत्तर – जब वस्तु (बिम्ब) फोकस और प्रकाश केन्द्र के बीच स्थित हो, तो उसका आभासी प्रतिबिंब लेंस के उसी ओर बनता है जिस और वस्तु है। यह सीधा और वस्तु से आकार में बड़ा होता है
5. उत्तल लेंस के किस दूरी पर एक वस्तु को मुख्य अक्ष पर रखा जाय कि समान साइज (आकार) का वास्तविक प्रतिबिम्ब बने ? किरण-आरेख द्वारा दर्शाएँ।
उत्तर –
अभीष्ट बिंब का बनना बगल के किरण – आरेख में बताया गया है। चित्र से स्पष्ट है कि वस्तु को लेंस से 2f दूरी पर रखना होगा। तभी समान आकार का वास्तविक प्रतिबिंब बनेगा।
6. किरण आरेख की सहायता से अनंत और फोकस – दूरी की दूनी दूरी के बीच रखी गई वस्तु (बिंब) का उत्तल लेंस द्वारा बने प्रतिबिंब का स्थान निर्धारित कीजिए।
उत्तर – चित्र के अनुसार जब वस्तु अनंत और फोकस – दूरी की दूनी दूरी के बीच 2F1 के बीच स्थित हो, तो उसका वास्तविक प्रतिबिंब लेंस के दूसरी ओर F2 तथा  2F2 के बीच बनता है। यह प्रतिबिंब उलटा और वस्तु से छोटा होता है।
7. उत्तल लेंस द्वारा वास्तविक एवं आवर्धित प्रतिबिंब बनने की क्रिया का स्पष्ट किरण-आरेख खींचें।
उत्तर – PQ → बिंब (वस्तु)
P1Q1 → प्रतिबिंब
LOL1 → लेंस
F → फोकस, C → वक्रता केन्द्र
f और 2f के बीच बिम्ब को रखने पर प्रतिबिम्ब आवर्धित और वास्ताविक बनता है ।

अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उनके उत्तर वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. प्रत्येक प्रश्न में दिये गये बहुविकल्पों में सही उत्तर चुनें।

1. उत्तल लेंस के सामने एक बिंब को लेंस के फोकस और प्रकाशीय केन्द्र के बीच रखा जाता है, तो प्रतिबिंब बनता है-
(क) काल्पनिक और आवर्धित
(ख) वास्तविक और आवर्धित
(ग)  वास्तविक और छोटा
(घ) काल्पनिक और छोटा
उत्तर – (क)
2. जब काई बिंब अनंत पर रहता है तो उत्तल लेंस द्वारा उसका प्रतिबिंब बनता है
(क) फोकस और लेंस के बीच
(ख) फोकस पर
(ग) फोकस की दुगुनी दूरी पर
(घ) फोकस और अनंत के बीच
उत्तर – (ख)
3. उत्तल लेंस द्वारा काल्पनिक प्रतिबिंब बनता है जब बिंब –
(क) फोकस पर रहता है अनंत पर रहता है
(ख) फोकसान्तर से कम दूरी पर रहता है
(ग)अनंत के बीच रहता है
(घ) फोकसान्तर की दूनी दूरी तथा
उत्तर – (ग)
4. उत्तल लेंस में बना प्रतिबिंब होता है
(क) बराबर और सीधा
(ख) बराबर और उलटा
(ग) उलटा और सीधा
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (ग)
5. मोटे लेंस की क्षमता पतले लेंस की तुलना में—
(क) नगण्य होती है
(ख) कम होती है
(ग) अधिक होती है
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (ख)
6. समान परिस्थितियों में प्रिज्म से गुजरने पर अधिक तरंग दैर्घ्य की प्रकाश किरण का विचलन कम तरंगदैर्घ्य की प्रकाश किरण की अपेक्षा –
(क) अधिक होता है
(ख) कम होता है
(ग) बराबर होता है
(घ) ठीक दुगुना होता है
उत्तर – (ख)
7. लेंस का प्रत्येक छोटा भाग
(क) उत्तल दर्पण की तरह है
(ख) दर्पण की तरह है
(घ) लेंस की तरह है
(ग) प्रिज्म की तरह है
उत्तर – (ग)

II. रिक्त स्थानों को उपयुक्त शब्दों या अंकों से भरें।

1. अवतल लेंस में हमेशा ……… प्रतिबिंब बनता है।
उत्तर – आभासी
2. लेंस में मुख्य फोकस की संख्या ………… होती है।
उत्तर – दो
3. अवतल लेंस में अनंत पर स्थित वस्तु का प्रतिबिंब ……….. पर बनता है।
उत्तर – द्वितीय फोकस
4. उत्तल लेंस में अनंत पर स्थित वस्तु का प्रतिबिंब ……….. पर बनता है।
उत्तर – काभि
5. लेंस की क्षमता P = ………..
उत्तर – 1/f
6. अधिक वक्रता वाले मोटे लेंसों की फोकस दूरी पतले लेंसों की फोकस दूरी की अपेक्षा …………. होती है।
उत्तर – कम
7. प्रतिबिंब दूरी / वस्तु दूरी =  …………
उत्तर – आवर्धन

III. सही गलत का चयन करें।

1.अपवर्तनांक का कोई मात्रक नहीं होता है।
उत्तर – सही
2. यदि किसी लेंस की क्षमता धनात्मक है तो वह अवतल लेन्स होगा।
उत्तर – गलत
3. उत्तल लेंस के लिए लेंस की क्षमता धनात्मक होती है।
उत्तर – सही
4. जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करता है तो आवृत्ति नहीं बदलती।
उत्तर – सही
5. दो माध्यमों की सीमा पृष्ठ पर प्रकाश लम्बवत आपतित होता है तो आपतन कोण 90° होगा।
उत्तर – गलत
6.अवतल लेंस सदैव तक सीधा तथा छोटा प्रतिबिंब बनाता है।
उत्तर – सही
7. 1 डाइऑप्टर उस लेंस की क्षमता है जिसकी फोकस दूरी 10m है।
उत्तर – गलत
8. सघन माध्यम से विरल माध्यम में तिरछी गमन करने वाली कोई प्रकाश किरण अभिलंब मे परे झुक जाती है।
उत्तर – सही
9. प्रकाश का किरणों के समूह को प्रकीर्णन कहा जाता है।
उत्तर – गलत
10. लेंस दो प्रकार के होते हैं – उत्तल और अवतल लेंस
उत्तर – गलत
11. किसी माध्यम का अपवर्तनांक कम होता है, उसमें प्रकाश की चाल कम होती है।
उत्तर – गलत
12. विरल माध्यम से प्रकाश की चाल सघन माध्यम की अपेक्षा अधिक होती है।
उत्तर – राही

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

1. जल में तिरछी डूबी सीधी छड़ ऊपर से देखने पर क्यों मुड़ी हुई दिखाई देती है ?
उत्तर – जल में तिरछी डूबी सीधी छड़ ऊपर से देखने पर प्रकाश के अपवर्तन के कारण मुड़ी हुई दिखाई देती है।
2. हवा में प्रकाश का वेग तथा काँच में प्रकाश के वेग के अनुपात को क्या कहते हैं?
उत्तर – हवा की अपेक्षा काँच का अपवर्तनांक।
3. प्रकाश क्या है ?
उत्तर – प्रकाश एक प्रकार की ऊर्जा है जो वस्तुओं को दृश्यमान बनाता है।
4. आपतित कोण तथा परावर्तित कोण के बीच क्या संबंध है ?
उत्तर – आपतित कोण = परावर्तित कोण ।
5. प्रकाश किस तरह का तरंग है ?
उत्तर – प्रकाश विद्युत चुंबकीय तरंग है।
6. लेंस में आवर्धन का सूत्र u और v के रूप में लिखें।
उत्तर –
7. उत्तल लेंस द्वारा दूर स्थित वस्तु का प्रतिबिंब कैसा बनता है ?
उत्तर – वास्तविक, उलटा तथा छोटा।
8. लेंस सूत्र लिखिए।
उत्तर –
9. किस कारण से हमें सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूर्य का गोला चपटा दिखाई देता है ?
उत्तर – वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण।
10. पानी में रखा सिक्का उठा हुआ क्यों दिखाई देता है ?
उत्तर – प्रकाश के अपवर्तन के कारण।

लघु उत्तरीय प्रश्न

1. प्रकाश का विवर्तन किसे कहते हैं ?
उत्तर – यदि प्रकाश के पथ में रखी अपारदर्शी वस्तु अत्यन्त छोटी है तो प्रकाश सरल रेखा में चलने की बजाय इसके किनारों पर मुड़ने की प्रवृत्ति दर्शाता है। इस प्रभाव को प्रकाश का विवर्तन कहते हैं।
2. प्रतिबिंब से क्या समझते हैं ?
उत्तर – किसी बिंदु स्रोत से निकली हुई प्रकाश की किरणें परावर्तन अथवा अपवर्तन के बाद जिस बिन्दु पर मिलती हैं या मिलती हुई प्रतीत होती हैं उसे प्रतिबिंब कहते हैं।
3. लेंस क्या है ?
उत्तर – दो पृष्ठों से घिरा हुआ कोई पारदर्शी माध्यम जिसका एक या दोनों पृष्ठ गोलीय है लेंस कहलाता है।
4. प्रकाशीय केन्द्र की परिभाषा दें।
उत्तर – लेंस का वह बिन्दु जिससे होकर जाने वाली प्रकाश की किरण बिना विचार के अपवर्तित हो जाती है। लेंस का प्रकाशीय केन्द्र कहलाता है।
5. उत्तल लेंस द्वारा आभासी एवं आवर्धित प्रतिबिंब की क्रिया का स्पष्ट किरण आरेख खींचे।
उत्तर –

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. प्रिज्म से होकर प्रकाश के अपवर्तन का नामांकित किरण आरेख खींचें।
उत्तर – प्रिज्म से होकर प्रकाश किरण के अपवर्तन का नामांकित चित्र-
2. किसी उत्तल लेंस का आधा भाग काले कागज से ढँक दिया गया है। क्या यह लेंस किसी बिंब का पूरा प्रतिबिंब बना पाएगा ? अपने उत्तर की प्रयोग द्वारा जाँच कीजिए। अपने प्रेक्षणों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर – हाँ, यह एक बिंब का पूरा प्रतिबिंब बना सकता है। उदाहरण के लिए यदि हम एक उत्तल लेंस में से किसी पेड़ को देखते हैं और फिर लेंस को आधा काले कागज से ढंक देते हैं तब भी हमें पेड़ का पूरा प्रतिबिंब दिखेगा। यद्यपि प्रतिबिंब पहले से थोड़ा धुंधला हो सकता है।
3. लेंस सूत्र प्रतिपादित कीजिए।
उत्तर – यदि एक वस्तु AB मुख्य अक्ष के बिंदु B पर स्थित हो और प्रकाश की एक किरण AD मुख्य अक्ष के समानांतर चले तो अपवर्तन के पश्चात् F से गुजरती है या गुजरती हुई प्रतीत होती है। बिंदु A से चलने वाली एक और किरण C से सीधी गुजरती है जिससे A1 B1 बिंब बनता है। यह वास्तविक या आभासी होता है।
4. उत्तल लेंस द्वारा किसी वस्तु के विभिन्न स्थानों के प्रतिबिंबों को चित्र सहित समझाओ।
उत्तर – 1. जब वस्तु अनंत दूरी पर हो – जब वस्तु उत्तल लेंस से अनंत दूरी पर होती है तो प्रकाश की किरणें मुख्य अक्ष के समानांतर लेंस पर पड़ती हैं और अपवर्तन के पश्चात् ये सभी किरणें मुख्य फोकस पर मिल जाती हैं। इस प्रकार प्रतिबिंब मुख्य फोकस F पर बनता है। यह वास्तविक, उल्टा तथा वस्तु के आकार से बहुत छोटा होता है।
2. जब वस्तु 2F से परे हो – वस्तु से प्रकाश की किरण BC मुख्य अक्ष के समानांतर चलती है और अपवर्तन के पश्चात् मुख्य फोकस में से गुजरती है। दूसरी किरण प्रकाश केंद्र O में से गुजरने पर बिना मुड़े सीधी निकल जाती है। ये दोनों किरणें F तथा 2F के बीच A पर हैं।
इस प्रकार वस्तु AB का प्रतिबिंब A’B’, F तथा 2F के मध्य बनता है। यह वास्तविक, उल्टा तथा वस्तु के आकार से छोटा होता है।
3. जब वस्तु 2F हो — वस्तु के B सिरे से प्रकाश की किरण BC मुख्य अक्ष के समानांतर चलती है और अपवर्तन के पश्चात् मुख्य फोकस में से गुजरती है। प्रकाश केंद्र O में से गुजरने वाली किरण बिना मुड़े सीधी निकल जाती है। ये दोनों प्रकार की किरणें 2F तथा B’ पर मिलती हैं। इस प्रकार वस्तु का प्रतिबिंब A’B’, 2F पर बनता है। यह प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा तथा के आकार के बराबर होता है।
4. जब वस्तु F तथा 2F के बीच हो – वस्तु के प्रकाश की एक किरण BC मुख्य अक्ष के समानांतर चलती है और अपवर्तन के पश्चात् मुख्य फोकस F में से गुजरती है। प्रकाश केंद्र से गुजरने वाली किरण बिना मुड़े सीधी निकल जाती है। ये दोनों प्रकाश की किरणें 2F से परे मिलती हैं। इस प्रकार वस्तु का प्रतिबिंब 2F से परे A’B’ पर बनता है । यह वास्तविक, उल्टा तथा वस्तु के आकार से बड़ा होता है ।
5. जब वस्तु F पर हो— इस अवस्था में वस्तु से आ रही प्रकाश की किरणें अपवर्तन के पश्चात् मुख्य अक्ष के समानांतर हो जाती हैं। इस प्रकार वस्तु का प्रतिबिंब अनंत पर बनता है। यह वास्तविक, उल्टा तथा वस्तु के आकार से बहुत बड़ा होता है। इसे पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता।
6. जंब वस्तु मुख्य फोकस F और लेंस के बीच में हो— इस अवस्था में प्रकाश की किरणें अपवर्तन के बाद नहीं मिलतीं। परंतु पीछे बढ़ाने पर ये किरणें 1 Am से आती हुई प्रतीत होती हैंइसलिए AB का प्रतिबिंब A’B’ वस्तु के पीछे उसी ओर बनता है। यह सीधा, बड़ा तथा आभासी होता है।

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