भावी समाज में लोकतंत्र की जिम्मेवादी और उद्देश्य पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।

प्रश्न – भावी समाज में लोकतंत्र की जिम्मेवादी और उद्देश्य पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।

उत्तर – टकराव एवं सामंजस्य लोकतंत्र की सीढ़ियाँ है जिससे गुजरकर ही लोकसत्ता अपनी नीतियाँ निर्धारित करती है। ये नीतियाँ आसानी से निर्धारित नहीं हो पाते हैं। बल्कि प्रतिद्वंदिता के कठिन परिवेश में गुजरते हुए सामंजस्य का माहौल बनाने का प्रयास करता है। पिछड़ों के लिए सरकारी नौकरियों एवं शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की मुहिम कई वर्ष पहले शुरू हुई। लोकतंत्र में लोग संवैधानिक तरीके से अपनी माँगों को उठाते है और चुनावों के माध्यम से उनके लिए दबाव बनाते हैं। उनका समाधान पाने का प्रयास करते हैं।

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