‘कर्णस्य दानवीरता’ पाठ के आधार पर कर्ण का चरित्र चित्रण छः वाक्यों में करें।

प्रश्न- ‘कर्णस्य दानवीरता’ पाठ के आधार पर कर्ण का चरित्र चित्रण छः वाक्यों में करें।

उत्तर – कर्ण सूर्य पुत्र था। जन्म से ही उसे कवच और कुण्डल प्राप्त था। जब तक कवच और कुण्डल उनके शरीर में रहता, वह अज्ञेय होता। इन्द्र अपने पुत्र अर्जुन की रक्षा हेतु ब्राह्मण के वेश में छलपूर्वक उससे कवच और कुण्डल की याचना किए। सब कुछ जानते हुए भी कर्ण ने इन्द्र को कवच और कुण्डल दान कर दिया। अतः वह दानवीर था ।

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