परिसंचरण तंत्र से आप क्या समझते हैं ?

प्रश्न – परिसंचरण तंत्र से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर – हमारा हृदय विशेष अनैच्छिक हृदयी पेशियों से बना हुआ एक पम्प है जो रुधिर को शरीर के अंगों से खींचकर फेफड़ों तथा गुर्दों में शुद्ध होने के लिए भेजता है और पुनः शुद्ध रुधिर को पूरे शरीर में भेजता है। ऑक्सीजनयुक्त रक्त शुद्ध रक्त कहलाता है तथा ऑक्सीजन से वंचित कार्बन डाइऑक्साइड एवं वर्ज्य पदार्थों से युक्त रक्त अशुद्ध रक्त कहलाता है। ये दोनों प्रकार के रक्त अलग-अलग वाहिकाओं से होकर बहते हैं जिन्हें धमनियों और शिराएँ कहते हैं। शिराओं तथा धमनियों की पतली शाखाएँ कोशिकाएँ कहलाती हैं। हृदय, धमनियाँ, शिराएँ और कोशिकाएँ सामूहिक रूप से रुधिर परिसंचरण तंत्र का निर्माण करती हैं।

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