‘विष के दाँत’ कहानी के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए। (उत्तर 30 शब्दों में दें)

प्रश्न – ‘विष के दाँत’ कहानी के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए। (उत्तर 30 शब्दों में दें)

उत्तर – सेन साहब ( फैक्टरी के मालिक) के बिगड़ैल लड़के काशू ने गिरधरलाल (सेन साहब की फैक्टरी में किरानी) के लड़के मदन से जबरन लट्टू लेना चाहा। इसपर दोनों में कहा-सुनी हो गई। काशू ने मदन पर घूँसा चला दिया। मदन काशू पर टूट पड़ा। काशू जान लेकर भागा। मदन के पिता, गिरधरलाल ने अपने बेटे को बहुत सराहा, क्योंकि उसने काशू के धन के धन-मद रूपी विष के दाँत उखाड़ दिए थे।

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